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हिंदी माध्यम के अध्यापक नहीं पढ़ा सकते अंग्रेजी माध्यम में

जयपुर । भजनलाल सरकार में मंत्रियों के विभाग बंटवारे के तुरंत बाद शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने अपने विभाग में कार्यभार ग्रहण करते ही महात्मा गांधी अंग्रेजी विद्यालय को लेकर कहा कि बिना पुख्ता कार्य योजना के बिना अध्यापकों के खोले गए अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों का कोई औचित्य नहीं  है, फिर भी विद्यार्थियों का हित सर्वोपरि है अगर ऐसा लगता है कि विद्यार्थियों का हित है तो उसको लागू रखेंगे अगर विद्यार्थियों का नुकसान हो रहा है तो हम इस मामले पर पुनर्विचार करेंगे.

अंग्रेजी माध्यम के स्थाई अध्यापकों की भर्ती नहीं हुई

पूर्ववर्ती गहलोत सरकार ने  पूरे प्रदेश में सैकड़ो महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों की स्थापना की लेकिन  यह विचार नहीं किया गया कि इन विद्यालयों में शिक्षण कार्य किन से करवाया जाएगा क्योंकि अंग्रेजी माध्यम से पढ़ने वाले अध्यापकों की स्थाई नियुक्ति कभी भी राज्य सरकार द्वारा नहीं की गई तो इनके अभाव में अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थियों का अध्यापन कैसे करवाया जा सकेगा इस पर विचार नहीं किया गया और अंधाधुंध अंग्रेजी माध्यमिक विद्यालयों की स्थापना कर दी गई जिससे उन विद्यालयों में अध्यापन करने वाले अध्यापकों के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई थी

भाजपा ने किया था विरोध

मालूम हो कि कांग्रेस सरकार के समय भाजपा ने महात्मा गांधी अंग्रेजी स्कूलों को भारतीय संस्कृति के खिलाफ और मातृभाषा को नजरअंदाज कर के अंग्रजी भाषा को बढ़ावा देने के आरोप लगाए थे.

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