बीकानेर। मरुधरा की सांस्कृतिक पहचान और विश्व प्रसिद्ध ऊँटों के लिए जाना जाने वाला बीकानेर एक बार फिर कैमल फेस्टिवल 2026 की रंगीन छटा में रंगनें लगा है। पर्यटन विभाग एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस उत्सव ने शहर को उत्साह, परंपरा और लोकसंस्कृति के रंगों से सराबोर कर देने का प्रयास है।
फेस्टिवल के तहत ऊँटों की आकर्षक परेड, साज-सज्जा प्रतियोगिता, ऊँट नृत्य, ऊँट दौड़ एवं ऊँटों से जुड़े पारंपरिक खेलों ने दर्शकों का मन मोह लेंगे l सजे-धजे ऊँटों के साथ लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों बीकानेर की समृद्ध लोकसंस्कृति को जीवंत रूप में प्रस्तुत करेगी
कैमल फेस्टिवल में राजस्थानी लोक नृत्य, कालबेलिया, घूमर, अग्नि नृत्य सहित सांस्कृतिक संध्याओं का आयोजन किया जायेगा l, जिसमें बड़ी संख्या में पर्यटक और स्थानीय लोग शामिल होंगे । देश-विदेश से आए सैलानी बीकानेर की कला, खान-पान और परंपराओं को करीब से जानेगें।
जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा, यातायात एवं व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पर्यटन विभाग के अधिकारियों के अनुसार कैमल फेस्टिवल न केवल पर्यटन को बढ़ावा देता है, बल्कि ऊँट पालकों और स्थानीय कलाकारों को भी एक बड़ा मंच प्रदान करता है।
कैमल फेस्टिवल 2026 बीकानेर की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।