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दानदाता ने करोड़ों रूपये लगा बनाई बिल्डिंग * स्टाफ की उपलब्धता के आभव मे देरी*

बीकानेर।
प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल पीबीएम में इस माह एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। मुंधड़ा परिवार द्वारा निर्मित C. M. MUNDHRA MEMORIAL HOSPITAL बहुप्रतीक्षित न्यू मेडिसिन विंग का शुभारंभ जल्द होने वाला है, जिसकी शुरुआत दो आधुनिक मेडिसिन यूनिट और ब्लड जांच सेवाओं से की जाएगी। यह विंग गंभीर व जटिल रोगों से जूझ रहे मरीजों के लिए वरदान साबित होगा।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार मुख्यमंत्री द्वारा इस विंग का लोकार्पण संभावित रूप से 17 या 18 जनवरी को किया जा सकता है। इसके लिए चिकित्सा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठकें हो चुकी हैं और जयपुर से अंतिम स्वीकृति की प्रतीक्षा की जा रही है

एक-एक कर शिफ्ट होंगी सभी यूनिट

न्यू मेडिसिन विंग में कुल सात यूनिट स्थापित की जा रही हैं। प्रारंभिक चरण में दो यूनिट को पुराने भवन से नई बिल्डिंग में शिफ्ट किया जाएगा। इसके बाद शेष यूनिट्स को भी क्रमबद्ध रूप से नई बिल्डिंग में स्थानांतरित किया जाएगा। मरीजों की शिफ्टिंग विशेष एम्बुलेंस और डॉक्टरों की निगरानी में की जाएगी, ताकि किसी भी तरह का जोखिम न रहे।

300 बेड से बढ़ेगी इलाज क्षमता

न्यू मेडिसिन विंग में लगभग 300 अतिरिक्त बेड उपलब्ध होंगे, जिससे मौसमी बीमारियों और गंभीर रोगियों के दबाव को काफी हद तक कम किया जा सकेगा। अभी मेडिसिन विभाग में मरीजों की संख्या जरूरत से कहीं अधिक है, जिससे बेड की कमी बनी रहती है।

महिला मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत

प्रसूति और स्त्री रोग विभाग में बढ़ते मरीजों को देखते हुए तीन वार्ड न्यू मेडिसिन विंग में शिफ्ट किए जाने की योजना पर भी काम चल रहा है। इससे प्रसव और जटिल गर्भावस्था वाली महिलाओं को एक ही परिसर में बेहतर सुविधा मिल सकेगी।

अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस

नई मेडिसिन बिल्डिंग में जनरल वार्ड, आईसीयू, आईसोलेशन वार्ड, ऑक्सीजन सपोर्ट, सिंगल बेड कॉटेज, डबल बेड कॉटेज, मॉडर्न टॉयलेट्स, लिफ्ट, व्हीलचेयर सुविधा, ऑक्सीजन प्लांट, सेंट्रल मॉनिटरिंग सिस्टम जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। इससे यह विंग किसी बड़े निजी अस्पताल से कम नहीं रहेगा।

चिकित्सा ढांचे को मिलेगा बड़ा बल

न्यू मेडिसिन विंग के शुरू होने से बीकानेर संभाग ही नहीं बल्कि पश्चिमी राजस्थान के मरीजों को भी राहत मिलेगी। अब गंभीर मरीजों को जयपुर या अन्य शहरों में रेफर करने की मजबूरी कम होगी।

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