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बीकानेर, 5 जनवरी। हमारे पूर्वजों द्वारा बनाए गए कुएं, तालाब व बावड़ियों सहित प्रत्येक जल संरक्षण स्त्रोतों का संरक्षण हमारा कर्त्तव्य है। प्रत्येक व्यक्ति इसे समझे और जल संरक्षण की दिशा में आगे बढ़े। जनप्रतिनिधियों को इस मुहीम का नेतृत्व करने की जरूरत है।
जिला प्रमुख मोडाराम मेघवाल ने बुधवार को जिला परिषद सभागार में राजीव गांधी जल संचय योजना से संबंधित जिला स्तरीय कार्यशाला के दौरान यह बात कही। उन्होंने जल संरक्षण के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों को जन-जन तक पहुंचाने आग्रह किया। साथ ही कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को इसके प्रति जागरूक होने की जरूरत है।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओमप्रकाश ने जल संरक्षण और आज के दौर में इसके संरक्षण की आवश्यकता के बारे में जानकारी दी। जिले में राजीव गांधी जल संचय योजना के तहत हो रहे कार्यों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि योजना के क्रियान्वयन से जुड़े अधिकारी पूर्ण गंभीरता से कार्य करें, जिससे अधिक से अधिक ग्रामीणों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि समन्वित प्रयासों से हम लक्ष्य तक पहुंच सकते हैं। उन्होंने बताया कि जिले की 13 ग्राम पंचायतों के 24 गांवों में यह योजना चलाई जा रही है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कार्यों की गुणवत्ता पर ध्यान देने के निर्देश दिए व जनप्रतिनिधियों से इस योजना का अधिक से अधिक प्रचार करने का आग्रह किया।
जल ग्रहण के अधीक्षण अभियंता भूप सिंह ने योजना के बारे में बताया। उन्होंने गांवों को जल आत्म निर्भर बनाने के लिए संकल्पबद्ध होकर समन्वित प्रयासों के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। इससे कृषि क्षेत्र में उत्पादकता वृद्धि तथा जल संग्रहण में अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे। उन्होंने बताया कि 13 ग्राम पंचायतों में लगभग 41 करोड लीटर पानी का संरक्षण होगा, जिससे 48 करोड़ के काम करवाए जाएंगे।
इस अवसर पर उद्यान, कृषि, भूजल विभाग, वन के अधिकारी सहित बीकानेर प्रधान लाल चंद आसोपा, ज़िला परिषद के सदस्य, महात्मा गांधी नरेगा के अधिशाषी अभियंता धीर सिंह गोदारा, सहायक अभियंता सुंदरलाल व आराधना शर्मा आदि उपस्थित रहे। कार्यशाला का संचालन जिला आईईसी समन्वयक गोपाल जोशी ने किया।

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